KONA RUSHWAIYION KA
Saturday, March 1, 2014
मंज़ूर था हमे पर्दा तेरा ……
कल चौधवी की रात थी
सब तरफ रहा चर्चा तेरा
कुछ ने कहा ये चाँद है
कुछ ने कहा चेहरा तेरा
हम भी वही मजूद थे
हम से भी पूछा गया
हम हंस दिए
हम चुप रहे
मंज़ूर था हमे पर्दा तेरा ……
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