Wednesday, February 5, 2014

तेरा आशियाना …......







मेरी ख़ुशी का ठिकाना न था,

एक तरफ तेरा ग़म ,

दूसरी तरफ मयखाना था,
' ख़ुशी ' है मुझसे रूठी,

मुझे मौत के पास जाना था,
एक ख्वाब था कि मै हूँ तेरी बांहों में,

मुझे देख रहा जमाना था,
मैंने सोचा हकीकत है,

वह मेरे ग़मों का फ़साना था,
मैंने तेरी तस्वीर को कहा कि तू है,

लोगों ने कहा कि दीवाना है,
मेरे दर्द बढ़ते गए मै रुक गया,

तूने कहा ये बहाना था,
ठोकर से बिखरा दिया तूने जिसे
गौर से देख वो मेरा दिल नहीं
                          तेरा आशियाना था………

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