Wednesday, February 5, 2014

तेरे नाम लिखना है..........




तेरे नाम लिखना है

अपनी हर तबाही को 


उम्र भर यूँ ही 


खूने जिगर दिल जलाना है 


सब तरह से कह के देखा 


कुछ असर नहीं होता 


फैसला है जो दिल का 


अब तो वो कर दिखाना है


कैसे तोड़ दे ये दिल 



उनकी यादों से रिश्ता 


और अब तो आखिर 


उनका कोई और ठिकाना है 


हो सके तो ऐ ' राज़ ' छोड़ दो ख्याल उनका ( ख़ुशी ) 


उसे तो तुझे छोड़ किसी और के साथ अपना घर बसना है।  



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